Review : जूट योगा मैट या चटाई
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Review : जूट योगा मैट या चटाई

कुछ वर्षों पहले से जूट की योगा मैट का प्रचलन धीरे-धीरे बढ़ रहा है. अगर आप जूट योगा मैट के बारे में कुछ नहीं जानते हैं, या आपने जूट योगा मैट के बारे में नहीं सुना है, तो हम इस संबंध में इस आर्टिकल के माध्यम से आप की नॉलेज बढ़ाने की कोशिश करेंगे.

प्राकृतिक पदार्थ से बनी यह योगा मैट कठिन योगा करते समय आप को स्थायित्व प्रदान करती है, अर्थात यह आपके बैलेंस को बिगड़ने नहीं देती है, यह बिल्कुल भी फिसलन भरी नहीं होती है. साथ ही आपके पसीने को भी सोखने की क्षमता रखती है.

क्यों एक जूट योग चटाई का उपयोग करें

जूट एक ऐसा प्राकृतिक फाइबर है जिससे बहुत प्रकार की वस्तुओं का निर्माण किया जाता है इससे कपड़े से लेकर रस्सी और बहुत से दूसरी वस्तुएं बनाई जाती हैं जिनका प्रयोग दैनिक जीवन में प्रमुखता से किया जाता है. यह कपास के बाद दूसरा प्रमुखता से प्रयोग किया जाने वाला प्राकृतिक फाइबर है.

योगा मैट बनाने के लिए एक और प्राकृतिक फाइबर, जिसे हम रबर कहते हैं. उसका प्रयोग किया जाता है. लेकिन यह अपेक्षाकृत कुछ अधिक कीमत में प्राप्त होता है. इसलिए कम कीमत में जूट से बनी योगा में अधिक प्रचलन में है.

जूट योगा मैट को प्रयोग करने के कुछ कारण है जैसे कि

 कुछ लोगों को लेटेक्स से एलर्जी होती है , मतलब लेटेक्स एक प्राकृतिक पदार्थ है जिससे बहुत सी योगा करने वाले लोगों को एलर्जी हो सकती है और वह इस कारण से रबर की योगा मैट का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, इसलिए जूट योगा मैट उनके लिए एक अच्छा विकल्प होता है.

जो लोग कम कीमत में अच्छा नेचुरल फाइबर से बना योगा में चाहते हैं, उनके लिए जूट योगा मैट एक बहुत ही अच्छा अर्थात बेस्ट विकल्प है.

जूट एक ऊष्मा रोधी पदार्थ है यह सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंड का अनुभव कराता है.

जूट फाइबर का वजन काफी कम होता है, इसलिए यह काफी हल्का महसूस देता है. एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने पर ज्यादा कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता है.

नरम स्थानों पर जैसे कि समुंदर किनारे रेत पर, घास के मैदान में या केवल मिट्टी सतह पर आप अगर योगा कर रहे हैं तो यह योगा मैट एक बहुत ही अच्छा विकल्प साबित होता है.

यह आपके शरीर की नमी को सोख कर पसीने को कम करता है.

जो व्यक्ति नरम सतह पर कठिन योगा करना चाहते हैं जिसमें बैलेंस बहुत ज्यादा मायने रखता है. ऐसे योगा जूट की चटाई पर बड़ी आसानी से किए जा सकते हैं.

यह बहुत पोर्टेबल चटाई है। यह केवल 3,4 पाउंड वजन का होता है, इसको फोल्ड करके बड़ी आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जा सकता है, और इसमें कुछ नुकसान नहीं होता.

जूट की चटाई के जहां इतने सारे फायदे हैं तो वहां कुछ नुकसान भी इसके नजर आते हैं, जैसे कि यह आपके पसीने को सोख लेती है अर्थात यह लिक्विड को सोखने की क्षमता रखती है. तो यह किसी भी प्रकार के लिक्विड को सोख लेती है. जिससे यह जल्दी गंदी हो जाती है. दूसरा इसके अंदर धूल मिट्टी के कण भी बहुत जल्दी समा जाते हैं.

 इन सबके साथ साथ इसका एक फायदा यह भी है कि इसे बड़ी आसानी से धोया और साफ किया जा सकता है. पानी से यह जल्दी से खराब नहीं होती है.  गंदी होने पर इसे पानी से धोया जा सकता है यह पुनः साफ हो जाती है.

अगर कुछ योगा प्रेमियों को जूट के रेशों से किसी भी प्रकार की एलर्जी है तो यह उनके लिए नुकसानदायक होती है.

जूट एक प्राकृतिक पदार्थ है. इसलिए यह समय के साथ साथ कमजोर और खराब होता जाता है. यह गुण लगभग हर प्राकृतिक पदार्थ में पाया जाता है. हालांकि सिंथेटिक पदार्थों की तुलना में यह कम लंबे समय तक आपका साथ देगी, लेकिन इसके नेचुरल गुण सिंथेटिक पदार्थों की तुलना में अधिक फायदेमंद है.

इस प्रकार की योगा मैट आपको मार्केट में या ऑनलाइन स्टैंडर्ड लंबाई और चौड़ाई की बड़ी आसानी से प्राप्त हो जाती हैं. अगर आप अधिक लंबे हैं तब भी आप की लंबाई के अनुसार योगा मैट बड़ी आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध हो जाती हैं. जिन व्यक्तियों के हाथ पैर या घुटनों में दर्द की समस्या रहती है, और वह योगा करना चाह रहे हैं तो नरम जूट योगा मैट भी बड़ी आसानी से उपलब्ध है. आप अपनी आवश्यकतानुसार मोटी या पतली योगा मैट मार्केट से परचेस कर सकते हैं.

भारतीय योगा प्रेमियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हमने कुछ योगा मैट इस प्रकार से है. आप इन योगा मैट के बारे में अधिक जानें, इनके रिव्यू पढ़ें और अपने लिए एक बेस्ट योगा मैट चुने.

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